भारत में सारे साधु बलात्कारी और यहां के आश्रम बलात्कारियों के अड्डे साधु सिर्फ कामचोर व्यक्ति ही बनते हैं क्योंकि भारत की जनता बच्चों को पढ़ाने में कम साधु और मंदिरों को दान करने में ज्यादा विश्वास करती है इसलिए यहां के कामचोर व्यक्ति साधु बनकर मंदिरों में रहकर हराम का खाते हैं और भगवा चोले की आड़ में बच्चों और महिलाओं के साथ कुकर्म करने से नहीं डरते
