कहने को तो आज स्वतंत्रता दिवस है लेकिन सही मायने में स्वतंत्रता दिवस तब होगा जब लड़कियों को स्वतंत्रता से रहने की आजादी मिलेगी जब लड़कियों को घर से बाहर निकलने में किसी का भय नहीं रहेगा जब किसी लड़की के साथ रेप और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं नहीं होगी एक लड़की ने अपनी मां से पूछा मां ये स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाते हैं मां ने कहा पता नहीं बेटा लोग कहते है कि आज के दिन भारत देश आजाद हुआ था पर हम तो आज तक नहीं समझ पाये कि आजादी होती क्या है हमने तो बचपन से अभी तक खुद को कैद ही पाया है घर में रूढ़ीवादी परम्पराओं और लड़का-लडकी के बीच में भेद-भाव में कैद और बाहर लोगों की गंदी सोच और वाली घिनौनी मानसिकता में कैद

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