बर्षो बर्ष चाहता रहा जिसे इश्क मुश्क पाने में एक ज़माना बीता यही हाल-ए-दिल बताने में इसी तरह बर्षो बरस बीत गए मिलन के इन्तजार में अब जाकर आए वो गए हुस्न की बहार में और अब उनकी जवानी इक ढलती हुई शाम है इश्क और प्यार का हमको जुकाम है

Leave a comment