जीवन में किसी भी प्रकार के संकट या अनहोनी के समय रोना या दुखी होना और फिर समय के साथ भूल जाना यही क्षमता व योग्यता इंसान को समझदार, सुखी और स्वस्थ जीवन व्यतीत करने में मददगार है , वर्ना जीवन में निराशा और अंधकार ही रह जाता, कभी भी आशा, प्रसन्नता या जीने की इच्छा नहीं होती।

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