एक स्त्री के पैरो के बीच से जन्म लेने के बाद उसके वक्षस्थल से निकले “दूध” से अपनी “भूख” प्यास मिटाने वाला इंसान बड़ा होते ही “औरत” से इन्हीं दो अंगो की चाहत रखता है…. और अगर असफल होता है तो इसी चाहत में घिनौने तरीककों से अंजाम देता है….. “बलात्कार” और फिर “हत्या”।। “जननी” वर्ग के साथ इस तरह की “मानसिकता” क्यूँ??? “वध” होना चाहिए ऐसी दूषित मानसिकता रखने वाले लोगों का…. “महिलाओं” के साथ इस तरह का “दुर्व्यवहार” इस दुनिया का सबसे नीच, गन्दा, शर्मनाक कृत्य है…… हर नारी की इज्जत करे ,,।

अत्यन्त मार्मिक सन्देश,आपकी लेखनी कमाल की है।
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