जिम्मेदारियों के बोझ ने सारा जीवन चुरा लिया उड़ते मन के परिंदे को बढ़ती उम्र ने जकड़ दिया रोमांच और रोमांस अब सुनें सुनाए किस्से लगते हैं बुढ़ापे में सुना ने को कहानियों के हिस्से लगते हैं यार कहते थे कि अभी वक्त है फिर वक्त ना मिलेगा वक्त का दरोगा एक दिन तुम को ऐसा जकड़ेगा कि कितना भी छटपटाओगे उसकी गिरफ्त से छूट ना पाओगे इसी लिए कहते हैं दोस्तों कि दम्पत्य जीवन के गीत मिलकर खुशी से गुनगुनाओ ना खुद दुखी रहो ना अपनो को दुख पहुंचाओ क्या लेके आए थे और क्या लेके जाओगे अकेले ही आए थे और अकेले ही जाना है तो जब तलक जीवन है इसे खुलकर जियो अपने लिए ना सहीं पर अपनों के लिए जियो

